विकास की सीढ़ी चढ़ रहा भिवाड़ी

एक ऐसा वक़्त हुआ करता था जब दिल्ली को ही एनसीआर में अचल संपत्ति का केंद्र माना जाता था जहाँ पर आवासीय और व्यावसायिक दोनों ही प्रकार की सम्पत्तियां बराबर उपलब्ध थी.

दिल्ली अचल संपत्ति क्षेत्र की मांग को अच्छी तरह से पूरा करने में सक्षम थी और फिर ऐसा वक़्त आया की इस क्षेत्र की मांग अपने चरम पर आई और यहाँ की कीमतें आसमान
को छूने लगी. फिर विस्तार ही एक उपाय नज़र आया और सेंट्रल व दक्षिण की ओर यह संभव भी था क्योंकि हरियाणा और राजस्थान उत्तर भारत के मुख्य उद्योगिक केंद्र थे. खासकर भारत का मिल्लेनियम शहर माने जाने वाला गुडगाँव, जो की पिछली एक दशक से बहुत तेज़ी से विस्तार कर रहा है.

यहाँकीमतों में खासा इज़ाफा हुआ और ज्यादा से ज्यादा औद्योगिक केन्द्रों का यहाँ आगमन होना शुरू हुआ, जो की बहुत बड़ा कारण है इस शहर को हमेशा का विस्तार होने वाला होरिजोन बनाने में.

गुडगाँव से एनएच-८ की तरफ जाये तो एक विकासशील शहर भिवाड़ी नज़र में आएगा. भिवाड़ी एनसीआर का हिस्सा है और दिल्ली- मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) पर आता है, भिवाड़ी काफी तेज़ी से निवेश क्षेत्र की तरह उभर रहा हैं. आज यह प्रसिद्ध स्थान बन गया है क्योंकि यह विकासकर्ता को आकर्षित कर रहा हैं और भविष्य के निवेशक और खरीददारों की पहली पसंद में से एक बन गया है.

इस क्षेत्र को देखे तो यह गुडगाँव से मात्र ४० मिनट की दूरी पर है और इंदिरा गाँधी अन्तर्रष्ट्रीयविमानतल से १ घंटे का रास्ता है. गुडगाँव में संपत्ति की कीमत ज्यादा होने के कारण, भिवाड़ी विचारक और संपत्ति खरीददारों के लिए लाभदायक और समझदार क्षेत्र के रूप में उभरा हैं. पिछले कुछ सालो में इस क्षेत्र में मुख्य आवासीय विकास हुए और साथ ही सामूहिक आवासीय योजनाओ का निर्माण भी हुआ  यहाँ पर काफी सारी आवासीय योजनाएं बन कर तैयार हो गयी है और लोगो ने यहां रहना भी शुरू कर दिया है.

“दिल्ली परिपूर्णता की ओर बढ़ रहा है और सबसे बड़ी दिक्कत है की भविष्य के विकास के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हैं जिस कारण कीमतें भी काफी ज्यादा है और इन्ही सब वजहों से दिल्ली के उपनगरो के विकास के रास्ता खुल गए. इन्ही कारणों से एनसीआर विकासकर्ताओ के लिए अच्छी जगह बन गया है और भिवाड़ी, नीमराना, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, ग्रेटर फरीदाबाद जैसे अन्य क्षेत्रो ने अच्छी प्रसिद्धि हासिल कर ली हैं. यहाँ पर कीमतें भी कम हैं और विकास के अच्छे मौके भी उपलब्ध हैं. यहाँ पर देश की अन्य टियर-१ शहरो के मुकाबले बेहतर बुनियादी सुविधाएँ और साधन मौज़ूद है.” यह कहना है अमृत पाल सिंह, कार्यकारी निदेशक, आप्रामेया ग्रुप का.

इसी विषय पर विचार जोड़ते हुए दुजेंदर भारद्वाज, निदेशक, मरीना सुइट्स ने कहा की “गुडगाँव, मानेसर, दिल्ली और फरीदाबाद से नज़दीक होना इसके सबसे बड़े फायदो में से एक है. भिवाड़ी में अचल संपत्ति में कम दरों की उम्मीद की जा सकती है जो की गुडगाँव के आलीशान इलाको के मुकाबले आधी या उससे भी कम है. भरपूर पानी और बिजली इस क्षेत्र के मुख्य फायदों में से एक है और शायद जल्दी ही इसके पास खुद का एयरपोर्ट भी आ जायेगा. डीएमआईसी के अलावा बेहतर बुनियादी सुविधा भी दूसरा कारण है जिस लिए भिवाड़ी को एनसीआर का उभरता हुआ मजबूत अचल संपत्ति का केंद्र माना जा रहा है”.

भिवाड़ी राजस्थान का उभरता हुए औद्योगिक क्षेत्र है, दिल्ली और एनसीआर के बाकी क्षेत्रो से नज़दीक होना इसके मुख्य लाभों में से एक है. विशेषज्ञों की माने तो यहाँ पर चली रही परियोजनाएं अगले ३ साल में पूरी हो जाएगी या फिर उनका निर्माण ख़त्म होने पर होगा. वह समय अचल संपत्ति निवेशको के लिए भी अच्छा होगा और अंतिम उपभोक्ता भी इस समय आवासीय परियोजना में रहने के लिए जायेंगे.

अमित चौधरी, एमडी, रिद्हम काउंटी का कहना है कि जैसे की ज्यादा से ज्यादा टियर-१ शहर में भूमि कम होने लगेगी, तो भिवाड़ी जैसे क्षेत्रों का विकास होगा क्योंकि यह बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और यहाँ भविष्य की अच्छी योजना भी बनाइ गयी है. टियर-२ क्षेत्र बड़े स्तर पर निवेशकों और खरीददारों की पहली पसंद बन जाता है क्योंकि यहाँ कीमते कम होती है और पूंजी में वृद्धि के भी अच्छे आसार होते हैं. इस क्षेत्र के वर्त्तमान विकास को देखे तो यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है की आने वाले निकट भविष्य में निवेशकों को बाकी क्षेत्रो के मुकाबले यहाँ अच्छा लाभ मिलेगा.

राजस्थान सरकार का दोस्ताना अंदाज़ औद्योगिक विकास में खासा मददगार साबित हो रहा है और सीधे तौर पर अचल संपत्ति के विकास में भी सहायक है . भविष्य में अभूतपूर्व विकास को देखते हुए ३००० से ज्यादा एसएमबी और इंटरप्राइजेज यहाँ अपनी इकाइयाँ जमा चुकी हैं. इस तरह से इस क्षेत्र ने थोड़े वक़्त में बेहतर उदार सुधार विकास का सबुत दिया है. गुडगाँव में एनएच-८ से शुरू हुई प्रगति मानेसर, धरुहेरा और अब भिवाड़ी तक पहुँच गयी है और इसके अलवर तक जाने की उम्मीद है जो की आने वाले ५-७ सालो में अचल संपत्ति क्षेत्र के लिए काफी फायदेमंद होगी. यह कहना है अंकित अग्रवाल, सीएमडी, देविका ग्रुप का. 

भिवाड़ी राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर है इस लिए इसकी लोकेशन काफी अच्छी है और अचल संपत्ति बाज़ार के हिसाब से भी काफ़ी बेहतर है. शहर में बुनियादी सुविधाएं दिन पर दिन बेहतर होती जा रही है और विकासकर्ताओं ने भी एनएच-८ के दोनों तरफ भूमि खरीद ली है जिस पर प्लोतेड विकास और कई सामूहिक आवासीय योजना का प्रमोचन हो चुका है. बेहतर नौकरी के अवसर के साथ यह स्थान बेहतर जीवन स्तर और अच्छे जुड़ाव का वादा करता है जो की एनसीआर के बाकी क्षेत्रो के मुकाबले कम कीमत में उपस्थित है, यह जगह अच्छी सुविधाएं प्रदान करती है और मध्य वर्ग के लिए एकदम सही बेठती है जो एनसीआर में रहना चाहते हैं. इन्ही सब कारणों की वजह से भिवाड़ी जाने माने निर्माणकर्तायों को अपनी ओर आकर्षित करने में समर्थ रहा जो की किफायती आवासीय परियोजना प्रदान कर रहे हैं.

भिवाड़ी में अपार्टमेंट की औसतन कीमत रु २,७०० से रु ३,३०० प्रति वर्ग फुट हैं और इसमें सालाना १० से १५ प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होती है जो की एनसीआर के गतिशील बाज़ार के मुकाबले अच्छी है. सरकार को भी इस क्षेत्र की क्षमता का अंदाज़ा हो गया है इसलिए वो भी वर्त्तमान सामाजिक और नागरिक बुनियादी सुविधाओं के सुधर में काफी तेज़ी से काम कर रही है. भिवाड़ी में बुनियादी सुविधाएं काफी तेज़ी से सुधर रही है और बहुत सारी परियोजना भी आने को तैयार है. प्रस्तावित बुलेट ट्रेन और मेट्रो से जुड़ाव भिवाड़ी के अचल संपत्ति निवेश को और आकर्षित बना देता है. जिसके परिणामस्वरुप भिवाड़ी बेहतर मुनाफे के वादों के साथ निवेश का अच्छा केंद्र बन जाता है. आने वाले कुछ वर्षों में भिवाड़ी एनसीआर में अपनी अलग और मजबूत पहचान बना लेगा” यह कहना है रजनीकांत शर्मा, सीएमडी, आरजेग्रुप का.

दिल्ली/एनसीआर के क्षेत्र में संपत्ति की कीमतों का ज्यादा होना मध्य वर्गीय खरीददारों को दुसरे किफायती विकल्प देखने के लिए मजबूर कर देता है. भिवाड़ी आने वाला अचल संपत्ति का केंद्र है जो की गुडगाँव के पास है और यहाँ निवेशक और अंतिम उपभोगता की अच्छी मांग उपलब्ध है. आज, अंतिम उपभोक्ता इस क्षेत्र में अपने सपनो के घर को देखता हुआ आ रहा है, क्योंकि यह दिल्ली/एनसीआर के सारे अहम क्षेत्रो से अच्छा जुड़ाव प्रदान करता है .
भिवाड़ी का सबसे बड़ा फायदा है इसका जुड़ाव क्योंकि यह एनच-८ के काफी नज़दीक है. केवल जुड़ाव ही नहीं, भिवाड़ी निवेश के लिए अच्छे विकल्प प्रदान करता है जो की निकटतम भविष्य में अच्छा लाभ देने में सक्षम है. किफायती कीमत न केवल अंतिम उपभोक्ता को बल्कि निवेशकों को भी आकर्षित करती है क्योंकि भिवाड़ी का अचल संपत्ति बाज़ार आने वाले वर्षों में अच्छे पूंजी वृद्धि का सबूत देगा.

स्टार रियलकोन, कृषग्रुप, आर-टेक, एमवीएल, परस्वनाथ, किंगफ़िशर रियल्टी, कोणार्क, जागृत इन्फ्रा, जेनेसिस,ओमेक्स, बीडीआई, एस्सेंटिया, एम2के, कोसमोस, एवेलोन, इनोवेटिव कोलोनैज़र कुछ ऐसे रियल एस्टेट डेवलपर्स है जो की अपने आवासीय परियोजना प्रमोचित कर चुके है जो की भिवाड़ी की तस्वीर बदल देगा .

“राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन (आरआईआईसीसीओ) प्रदेश में बड़ी संख्या में उद्योगिक विकास करने की योजना बना  रखी है और भिवाड़ी दिल्ली और गुडगाँव के काफी नज़दीक है जिस कारण इसमें विकास की काफी क्षमता है . भिवाड़ी में चोपंकी, खुशखेरा और सारेखुर्द जैसे उत्पादन केंद्र मौज़ूद है. क्षेत्र का आधार पूरी तरह औद्योगिक है और यह अच्छी अचल संपत्ति की क्षमता भी मौज़ूद है और साथ ही यह भविष्य में अच्छे विकास और सुधार का साबुत भी देगा.” यह निष्कर्ष दिया कुशाग्र अंसल, निदेशक, अंसल हाउसिंग ने.



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