Yoga: India’s Enduring Soft Power in a Changing World By Nivedita Amoli

In an era marked by rising stress, lifestyle-related diseases, and social divisions, the search for practices that promote health and harmony has become more important than ever. Among the many contributions India has made to the world, yoga stands out as a timeless tradition that continues to unite people across

अबकी बार आंदोलन की मार

समीर कुमार ठाकुर
कभी लोकपाल बिल के मुद्दे पर दिल्ली का आसन हिला देने वाले अण्णा हजारे एक बार फिर भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में आंदोलन की शुरुआत कर चुके हैं.

इस बार उनके निशाने पर बीजेपी की केन्द्र सरकार है. आंदोलन की शुरुआत करते हुए अण्णा ने मौजूदा केन्द्र सरकार को अंग्रेजों के शासन काल से भी बुरा बताया. उन्होंने कहा कि ये विधेयक पूरी तरह से किसानों के हित में नहीं है और इसे वापस लेना चाहिए. 

दिल्ली  विधान सभा चुनाव में
बीजेपी की हार पर नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को इस हार पर गहरा चिंतन करने की जरुरत है और यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो आने वाले दिनों में जनता सबक सिखाएगी.

लोकपाल पर उन्होने कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है. इस बीच जंतर मंतर पर उमड़ी भीड़ इस बात का गवाह है कि अण्णा का जादू कम नहीं हुआ है और सरकार को इस बारे में सोचना पड़ेगा. 

अण्णा ने कहा अगर ये विधेयक वापस नहीं लिया जाता है तो चार महीने बाद वे अनशन पर बैठने की
बजाए जेल भरो आंदोलन शुरु करेंगें. 

केन्द्र सरकार पर पहले भी किसान विरोधी होने के आरोप लगते आए हैं. ऐसे में किसानों का इतना बड़ा
जनसमूह अण्णा के साथ है. 

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी इस आंदोलन में अण्णा का साथ देने का मन बना लिया है. ऐसे में दिल्ली
के प्रति केन्द्र सरकार रवैया कैसा रहेगा देखना दिलचस्प होगा. 

ऐसा नहीं है कि केवल अण्णा हीं इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं. इसके पहले भी कई पार्टियां इस विधेयक का विरोध कर चुके हैं. ऐसे में अण्णा का समर्थन इन पार्टियों के लिए बहुत मायने रखता है और वो इसे भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगें.

-समीर कुमार ठाकुर

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