यूरोप में मध्य युग के दौरान चुडैलों में विश्वास व्यापक था. चुड़ैल शैतानों की उपासना करने के लिए जानी जाती है. यूरोप में जादू-टोना करने के आरोप में हज़ारों पुरुषों और महिलाओं को मार डाला जाता या फिर उन्हें कारावास में डलवा दिया जाता था. 1692 ई. में सलेम (Massachusetts) में एक चुड़ैल का शिकार करने वाले 19 लोगों की मौत हो गयी. आज भी, किसी पर जादू-टोना करने का आरोप लगाने पर विश्व के कई स्थानों पर हिंसात्मक रूप भी ले सकती हैं. हालांकि सभी चुड़ैलें और जादूगर हमेशा बुरे